कवि नागराज भाई पाळ्या तीन तोता

उडग्या तो तीन दिन थम्यां कोनी रोता

दिलासो दियो जा’र,

तो बोल्या सिर हला’र,

भाई सा’ब, कठै मिलसी, अबै इसा श्रोता!

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : मोहन आलोक ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 11
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