बाप कोनी बण्या जद मनीस्टर ‘श्री दासू’

कांई बात है, बीनणी नै बूझण लागी सासू

सरमा’र बोली, स्याणो!

थे तो आप जाणो,

टाबर कोनी हुवै, कोरै आस्वासनां सूं!

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : मोहन आलोक ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 11
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