घामालिय जोइया घाइ घाइ, राणिगदे मारिय चउंड राइ।
चउंड राइ चक्र फरियइ चंङ्गि, दारुणी देस लीधइ दुरंङ्गि॥
भावार्थ :- राव चूँडा ने राणिंगदे को मार गिराया और जोहियों को शस्त्र-प्रहारों से काट डाला। उसने अपना शासन-चक्र इस प्रकार चलाया, जिससे अनेक दुर्जय प्रदेशों के किलों को हस्तगत कर लिया।