चउंड राउ सेन चतुरंङ्ग चाल, मारग्ग महाजन लिया माल।

धर लई मंडोवर धणी धाइ, राजवी जेम चाउंड राइ॥

भावार्थ :- राव चूँडा की चतुरंगिणी सेना जब कूच करती थी, तो मार्ग में आने वाले महाजनों से नियमानुसार रसद और उपहार प्राप्त करती थी। अन्य महान राजाओं की भांति, मंडोवर के अधिपति राव चूँडा ने भी अपने पराक्रम से आस-पास के क्षेत्रों पर विजय प्राप्त कर उन्हें अपने साम्राज्य में मिला लिया।

स्रोत
  • पोथी : छंद राउ जइतसी रउ ,
  • सिरजक : बीठू सूजा ,
  • संपादक : मूलचंद प्राणेश ,
  • प्रकाशक : भारतीय विद्या मंदिर शोध प्रतिष्ठान, बीकानेर (राज.) ,
  • संस्करण : प्रथम
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