‘सूजा’ सुलिताण औह अमाण जाणि जवाण जमराणं।

आरभ उभगे अगसु अगे तग तुरगे ताणाण॥

पखराळ पमगा नाग सनग्गा बाहि बिहगा बाणास।

गज झप जग्गां धारै धज्जा ऊडि सरज्जा आकासं॥

खड खड खडिया आभि अडिया जोधा जड़िया जरदाळ।

रत्थाह उचड़िया खिझिदळ खड़िया अनड़ा नडिया योहाळ॥

दिल्लीसर दाव चित्त चाव राजा राव उमराव।

पुणि सैद पठाण ताणि कमाण गिडिक धाण गुमराव॥

पौहमी पालट्ट थट्ट सुथट्ट बहै बिहट्ट पूरबय।

सूजासाहि आया असा अधाया साहिजिहान सुणे सबय॥

स्रोत
  • पोथी : बिन्है रासौ ,
  • सिरजक : महेसदास राव ,
  • संपादक : सौभाग्यसिंह शेखावत ,
  • प्रकाशक : राजस्थान राज्य प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान, जोधपुर (राज.) ,
  • संस्करण : प्रथम
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