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अंजस सोशल मीडिया
कहै तब दूत सुनो नृप बात
जोधराज
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छंद मुक्तादाम
कहै तब दूत सुनो नृप बात।
बड़ो तुव बंस प्रताप सुहात॥
तजो रतनागर को सर हेत।
रतन्न अमूल्य तजो रज हेत॥
स्रोत
पोथी
: हम्मीर रासो
,
सिरजक
: जोधराज
,
संपादक
: श्यामसुंदर दास
,
प्रकाशक
: नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी
,
संस्करण
: तृतीय
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संदेश
राजा