चउंड राइ उग्राहइ च्यारि चक्क, कोपिया साह मेल्हइ कटक्क।

खीजियउ खिदिरखां हत्थ खाइ, राहाळइ ऊपरि चउंड राइ॥

भावार्थ :- राव चूँडा चारों ओर से द्रव्य उगाहने लगा। इससे यवन शासक सेना इकट्ठी करने लगे। यवन शासक खिज्र खां क्रोधित होकर राव चूँडा से शत्रुता रखने लगा तथा उसने राव चूँडा पर आक्रमण भी कर दिया।

स्रोत
  • पोथी : छंद राउ जइतसी रउ ,
  • सिरजक : बीठू सूजा ,
  • संपादक : मूलचंद प्राणेश ,
  • प्रकाशक : भारतीय विद्या मंदिर शोध प्रतिष्ठान, बीकानेर (राज.) ,
  • संस्करण : प्रथम
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