मुणै ‘अजमाल’ ‘मुकतेस’ हूता मरद्द। साहिजादा बिन्है आय चढिया सरद्द॥

मारुवै राव काचौ मतौ मंडियौ। तिजड़ गही बिन्है फौजां सिरै ताडियौ॥

पहर राति हूता गहर बाणां पड़ै। असुर दिल्ली तणौ राज लेबा अड़ै॥

‘सूर’ हर देखिये नकौ झांझो सम्मरां। दाखवै यता ऊपरी खाली डम्मरां॥

जुड़ण री बात जाणै खित्री जेतला। आणिया नहीं मसलत्ति में येतला॥

जीतिया जूध ये जकौही जीतसी। बिजड़ धारा गहर तिता सिर बीतसी॥

आजि मोटौ भुजा भार पड़ियौ असौ। केकांण केवाण सिलहां कसौ॥

मारकौ तुड़ कहियै पिता ‘मधुकरौ’। हुबे दळ भाजियौ ‘खुरम्भ’ ‘अकबर’ हरौ॥

फतै राव ‘रतन’ बुरहानपुर फबाणी। कळू भारथ कथा मांझल कहाणी॥

‘भोज’ राव चोज दोय राह सिर भुजाळौ। लाख लाखां खळां भाजणौ लंकाळौ॥

राखियौ नीर जिण हीर हिंदवाण रौ। खिजै रहियौ मने धणी खुरसाण रौ॥

‘दूदरज’ अडीलौ रहे अनमी दुझल्ल। हूह पड़ सीकरी जेण दीधी हमलं॥

सूर ‘रतनेस’ सूवर अणी साझियौ। वाझिया घाव तिण घाव सिर वाझियौ॥

आजि चहूवांण हाडा बिरद उजाळै। सुतण ‘मधुसाह’ फौजां सिरै सिंघाळै॥

आजि पतिसाही रै कामि यण आवस्या। पटै सुरलोक बळि मुकतिबा पावस्या॥

स्रोत
  • पोथी : बिन्है रासौ ,
  • सिरजक : महेसदास राव ,
  • संपादक : सौभाग्यसिंह शेखावत ,
  • प्रकाशक : राजस्थान राज्य प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान, जोधपुर (राज.) ,
  • संस्करण : प्रथम
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