बाजा बरण बरण बणाव। जेज मजेज भरै सोइ ताव॥
प्रथम स्याह रंग स्याम परख्खे। दुतिय रंग गंगाजळ दख्खे॥
अबलख अंबर सुरग अनूप। भिडज कुमैत चढ़ै बड़ भूपं॥
सुरख सज्जाब समंद सुरंगा। काळी गांठि कुमैत कुरंगा॥
तरंता लाल लखी बोह ताव। करड़ा पंच कल्याण कहाव॥
सुरगां बळे समंद स सेली। बहंता घाव निबाहै बेली॥
जरद्दा काळिस गांठि स जाणै। बळि केइ ऊज्जळ पांव बखाणै॥
चपरा केइ गुलदार स चीनी। भारी फुलवारी रंग भीनी॥
नीले सुरखे केई नीले। ढहै कोट दे बाग स ढीले॥
रंग जड़ाव पना पीरोजा। मटवा नीले रंग समोजा॥
प्रथम रहवाळ येबिया धामं। बीक रा कहि ओर दुगाम॥