कहइ ऊबरा मोटा खान, एक वार मोकलउ प्रधान।
साची वात मानी सुरताणि, प्रधाना रउ जुगतउ जाणि॥
मोल्हउ भाट तेड़ाव्यउ सुरताणि, तेहनइ साहिब दे फुरमाण।
सम्भरिवाल तीरइ तुम्ह जाउ, पूछइ किसउ कहइ ते राउ॥
मोल्हउ भाट गढ मांहि गयउ, राय हमीर तणइ भेंटियउ।
राय हमीर ति मान्यउ घणउ, भाट नइ कीयउ प्राहुणउ॥