यह बालिकाओं का खेल है। इसे खेलने वाली बालिकाएं किसी आंगन या चौगान में एकत्रित होकर बैठ जाती हैं। इनमें से कोई एक चोर बनती है। चोर खिलाड़ी की आंखें एक अन्य खिलाड़ी बालिका अपने हाथों से मूंद लेती है। फिर खेलने वाली बालिकाओं में से कोई एक चोर खिलाड़ी के सिर पर ठोला मारती है। इसके बाद उसकी आंखों से हाथ हटा लिया जाता है और ठोला मारने वाली खिलाड़ी का नाम पूछा जाता है। यदि वह सही नाम बता देती है तो संकेत की जाने वाली लड़की को चोर बनाया जाता है। अनुमान सही नहीं होने पर उसे ही चोर बनाए रखा जाता है।
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